बहुत समय पहले, स्कॉटलैंड के उत्तर में स्थित शेटलैंड द्वीप के अनस्ट नामक द्वीप पर लोग एक खतरनाक डेनिश समुद्री डाकू से डरते थे। उसे कहते थे डेंशमैन—यानि "डेनिश व्यक्ति"। उसकी जहाज़ का नाम था एर्ने, जो नॉर्स भाषा में "ईगल" (बाज़) के लिए इस्तेमाल होता है। यह जहाज़ तेज़ उड़ता था और उतनी ही तेजी से हमला करता।
जब भी एर्ने का काला आकार समुद्र में दिखता, लोग अपने घर छोड़कर पहाड़ियों में भाग जाते।
एक गर्मियों की रात, जब तूफ़ान आया, एक लड़का चिल्लाता हुआ गांव में दौड़ा: "एर्ने को येल द्वीप के पास देखा गया है!" लोग डर के मारे अपने कीमती सामान लेकर पहाड़ियों की ओर भागे।
कुछ लोगों ने देखा कि एर्ने पानी में बहुत नीचे जा रहा था—जैसे कि डूब रहा हो। उन्होंने प्रार्थना की कि वह जहाज़ डूब जाए। और फिर खबर आई: "जहाज़ चट्टानों से टकरा गया और टूट गया। कोई जीवित नहीं बचा होगा।"
लोगों ने राहत की सांस ली। डेंशमैन मर चुका था... या ऐसा उन्होंने सोचा।
लेकिन डेंशमैन बच गया था। वह समुद्र के किनारे एक गुफा में छुपा था। कुछ लोगों ने उसे देखा और मारने की योजना बनाई। लेकिन एक किसान की तीन बेटियों ने उसे खाना, कपड़े और पानी दिया। उन्होंने कहा: "हर इंसान पूरी तरह बुरा नहीं होता।"
उन्होंने उसकी मदद की, और वह गायब हो गया।
कुछ महीनों बाद, डेंशमैन वापस आया—लेकिन हथियारों के साथ नहीं, बल्कि उपहारों के साथ। उसने किसान को एक नाव दी जिसमें खज़ाना था। उसने बेटियों को धन्यवाद कहा और वादा किया: "मैं कभी अनस्ट पर हमला नहीं करूंगा।"
और उसने अपना वादा निभाया।
दया का असर: तीन बेटियों की करुणा ने एक डाकू को बदल दिया।
पुनरुत्थान: सबसे खतरनाक व्यक्ति भी बदल सकता है।
साहस और इंसानियत: डर के बीच भी कुछ लोग इंसानियत नहीं भूलते।